मंत्रालय के बारे में



ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकांश विकास एवं कल्याण संबंधी कार्यकलापों का नोडल मंत्रालय होने के नाते, ग्रामीण विकास मंत्रालय देश के समग्र विकास की रणनीति में प्रमुख भूमिका निभाता है। मंत्रालय का विजन तथा मिशन टिकाऊ है। ग्रामीण भारत में विकास में तेजी लाने के लिए बुनियादी ढांचा तैयार करने और ग्रामीण जीवन स्तर को बेहतर बनाने के उद्देश्य से आजीविका अवसरों में बढ़ोतरी के साथ-साथ बहुआयामी रणनीति के द्वारा गरीबी का उन्मूलन कर, सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कर, विकासात्मक विसंगतियों को सुलझाकर तथा समाज के अति दुर्बल वर्गों तक ग्रामीण क्षेत्र विकास को प्राथमिकता देकर ग्रामीण भारत का विकास सुनिश्चित किया गया है।

ग्रामीण विकास मंत्रालय के अंतर्गत दो विभाग हैं

(i) ग्रामीण विकास विभाग और

(ii) भूमि संसाधन विभाग।

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मंत्री और सचिव

श्री जयराम रमेश

ग्रामीण विकास मंत्री

श्री प्रदीप जैन

ग्रामीण विकास राज्य मंत्री

श्री लालचंद कटारिया

ग्रामीण विकास राज्य मंत्री

श्री एस.विजय कुमार

सचिव ग्रामीण विकास मंत्रालय

श्री विपिन बिहारी श्रीवास्तव

सचिव भूमि संसाधन विभाग

मंत्रालय अब दो विभागों से मिलकर बनता है ग्रामीण विकास विभाग और भूमि संसाधन विभाग

अब तक

ग्रामीण विकास का अभिप्राय एक ओर जहां लोगों का बेहतर आर्थिक विकास करना है वहीं दूसरी ओर वृहत सामाजिक कायाकल्प करना भी है। ग्रामीण लोगों को आर्थिक विकास की बेहतर संभावनाएं मुहैया कराने के उद्देश्या से ग्रामीण विकास कार्यक्रमों में लोगों की उत्तरोत्तर भागीदारी सुनिश्चिहत करने, योजना का विकेन्द्रीकरण करने, भूमि सुधार को बेहतर ढ़ंग से लागू करना और ऋण प्राप्ति का दायरा बढ़ाने का प्रावधान किया गया है।

प्रारम्भ में कृषि उद्योग, संचार, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा इससे संबंधित क्षेत्रों के विकास पर मुख्य बल दिया गया था लेकिन बाद में यह महसूस किया गया कि त्वरित विकास केवल तभी संभव हो सकता है जब सरकारी प्रयासों में बुनियादी स्तर पर लोगों की प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से भागीदारी हो।

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योजनाएं

निम्न प्रमुख कार्यक्रमों को ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में चलाया जा रहा हे।

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बजट

ग्रामीण विकास विभाग का वर्ष 2013-14 के लिए योजनावार परिव्यय 74,429 करोड़ रूपये है।